मेरा प्रिय त्योहार हिंदी निबंध | ESSAY ON FESTIVAL IN HINDI

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लेख में शामिल बातें

  • प्रिय त्योहार का परिचय
  • मनाने की विधि
  • नया दृष्टिकोण
  • ऐतिहासिक महत्त्व
  • प्रिय होने का कारण।

मेरा प्रिय त्योहार हिंदी निबंध | ESSAY ON FESTIVAL IN HINDI

हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों में रक्षाबंधन का त्योहार मुझे सबसे अधिक प्रिय है। यह त्योहार भाई-बहन के शुद्ध और नि:स्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के साथ ही इसमें जो सादगी है, वह दूसरे किसी त्योहार में नहीं है।

राखी का त्योहार श्रावणी पूर्णिमा को मनाया जाता है। उस समय मौसम बहुत सुहावना होता है। आकाश में बिजली भी मानो अपने भाई बादलों को राखी बाँधने के लिए अपनी अधीरता प्रकट करती है। यह त्योहार हर भाई को अपनी बहन के

प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाता है। बहन भाई को प्यार से राखी बाँधती है और भाई मन-ही-मन अपनी बहन की रक्षा की जिम्मेदारी स्वीकार करता है। राखी से भाई-बहन के बीच स्नेह का पवित्र बंधन अधिक मजबूत हो जाता है। अभी तक लोग यही मानते आए हैं कि अबला होने के नाते नारी राखी बाँधकर अपनी रक्षा का भार भाई पर डालती है। किंतु वास्तव में वह भाई को केवल अपनी रक्षा का ही नहीं, बल्कि सारी नारी जाति की रक्षा का भार सौंपती है। राखी बाँधकर

वह अपने भाई को शक्ति और साहस का मंत्र देती है और उसके कल्याण की कामना करती है। चित्तौड़ की राजमाता कर्मवती ने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर उसे अपना भाई बनाया था और वह भी संकट के समय बहन कर्मवती की रक्षा के लिए चित्तौड़ पहुँच गया था। हुमायूँ ने गुजरात के बादशाह बहादुरशाह के साथ युद्ध करने का निश्चय किया। यह राखी की ही शक्ति थी कि हुमायूँ ने एक हिंदू नारी के सम्मान की रक्षा के लिए युद्घ किया।

मेरी इकलौती बहन मुझसे दूर रहती है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन वह जब हमारे घर आती है, तब मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहता। बचपन की स्मृतियाँ उमड़ पड़ती है और खुशी के मारे आँसू ढुलक पड़ते हैं। बहन की ममता, स्नेह और मंगल भावनाएँ मुझे नवजीवन प्रदान करती हैं। मुझे अनोखे आनंद का अनुभव होता है। रक्षाबंधन का त्योहार भैया, मेरे राखी के बंधन को न भूलाना’ कहने वाली बहन की याद हमेशा तरोताजा बनाए रखता है। इसलिए यह मेरा प्रिय त्योहार है।

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