मेरी प्रिय ऋतु हिंदी निबंध | ESSAY ON SEASON IN HINDI

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लेख में शामिल बातें

  • ऋतुओं का क्रमिक आगमन
  • प्रिय ऋतु का परिचय
  • प्रिय होने का कारण
  • अन्य ऋतुओं तुलना
  • मेरी प्रिय ऋतु और मेरा जीवन
  • उपसंहार।

मेरी प्रिय ऋतु हिंदी निबंध | ESSAY ON SEASON IN HINDI

हेमंत, शिशिर, वसंत, ग्रीष्म, वर्षा और शरद इन छह ऋतुओं का जो सुंदर क्रम हमारे देश में है, वह दूसरे देशों में नहीं पाया जाता। प्रत्येक ऋतु की अपनी छटा और अपना आकर्षण होता है। इन सभी ऋतुओं में मुझे वसंत ऋतु सबसे अधिक प्रिय है।

शिशिर का अंत होते ही वसंत की सवारी सज-धज के साथ आ पहुँचती है। बागों में, वाटिकाओं में, वनों में, सर्वत्र प्रकृति उसके स्वागत की तैयारियाँ करने लगती है कलियाँ अपने घूँघट खोल देती हैं। जूही, चंपा, चमेली, केतकी, गुलाब आदि फूल अपनी सुगंध बिखेर देते हैं। भौरे गूंज उठते हैं और तितलियाँ अपने चटकीले-चमकीले रंगों से ऋतुराज का स्वागत करने के लिए तैयार हो जाती हैं। धरती के कण-कण में नया जीवन नजर आता है।

सचमुच, वसंत की शोभा मेरे हृदय को उल्लास से भर देती है। खिलती कलियाँ देखकर हमारे जी की कली भी खिल उठती है। एक ओर प्रकृति के रंग और ऊपर से रंगभरी होली ! अबीर गुलाल के रूप में मानो हृदय का प्रेम उमड़ पड़ता है। ऐसा मनभावन वसंत मुझे प्रिय क्यों न हो ?

कुछ लोग वर्षा को वसंत से बेहतर मानते हैं। पर कहाँ वर्षा का कीचड़ भरा मौसम और कहाँ वसंत की की शोभा भी वसंत के सामने फीकी पड़ जाती है। वसंत, सचमुच ऋतुराज है।

बहार ! शरद

वसंत का आगमन होते ही मेरे मन में विविध रंगों की बहार छा जाती है। मेरी कल्पना तरंगित हो उठती है। बागों में सैर करते मन नहीं भरता। मेरी आँखों पर प्रकृति के आकर्षण का चश्मा लग जाता है और मेरे दिल में उमंगों का सूर्योदय हो जाता है।

कोयल के गीत मुझे कविता लिखने की प्रेरणा देते हैं । फूल मन को खिलना और ओठों को हँसना सिखाते हैं। तितली फूलों को प्यार करना और भरि गुनगुनाना सिखाते हैं।

ऐसी अनोखी और मनभावन है मेरी प्रिय ऋतु वसंत।

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